डाटा एंट्री आपरेटरों की मांग पूरी नही होने पर 8 जनवरी से हड़ताल का दिया अल्टीमेटम

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जगदलपुर। लोकसभा चुनाव से पूर्व प्रदेश के कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी/अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी कार्यालय में पदस्थ नियमित डाटा एंट्री आपरेटर आंदोलन की तैयारी में हैं। छत्तीसगढ़ प्रदेश शासकीय कम्प्यूटर, डाटा एंट्री आपरेटर कर्मचारी एसोसिएशन के द्वारा मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को पत्र लिखकर इसकी जानकारी दी गई है। भर्ती के वर्षों बाद भी सेवा भर्ती नियम एवं सेवा शर्तें नहीं बनाए जाने से डाटा एंट्री आपरेटर नाराज हैं। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने पत्र में कहा है कि 7 जनवरी तक मांग पूरी न होने की स्थिति में वे 8 जनवरी से मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय रायपुर में प्रदर्शन करेंगे और अनिश्चतकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।

एसोसिएशन के प्रांतीय संयोजक दिलीप चौरसिया ने बताया कि भर्ती नियम बनाना विभाग का महत्वपूर्ण दायित्व है। किसी भी विभाग में भर्ती से पहले स्वीकृति ली जाती है, जो कि वित्त विभाग द्वारा जारी किया जाता है। विभागाध्यक्ष भर्तियों से पहले नियम बनाते हैं कि कितनी भर्तियां होंगी, कौन से पद होंगे और पदोन्नति होगी। पद का पदोन्नति चेनल समयमान का निर्धारण किया जाता है। जब भर्ती नियम ही नहीं बनाया तो डाटा एंट्री आपरेटरों की भर्ती किस आधार पर दी गई।

एसोसिएशन के प्रांताध्यक्ष तिरिथराम ने कहा कि चुनाव के दौरान आपरेटर मतदाताओं का नाम जोडऩा, काटना और संशोधित तो करते ही हैं। इसके अलावा बीएलओ को ट्रेनिंग देना, सभी फार्मों का निराकरण, शिकायतों का निराकरण तथा कंट्रोल टेबल मैनेजमेंट का कार्य भी  करते हैं। वर्तमान में लोक सभा चुनाव की तैयारियां प्रारंभ हो चुकी है। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम शुरू किया जा चुका है। इसमें मतदाताओं से दावा-आपत्ति, नाम जोडऩे, संशोधन आदि कार्य किया जाएगा। लोक सभा चुनाव तैयारियों के बीच निर्वाचन कर्मचारियों के हड़ताल पर चले जाने से निर्वाचन कार्य प्रभावित होगा।

उल्लेखनिय है कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 309 के तहत सेवा भर्ती नियम एवं सेवा शर्तें तथा भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार) के तहत पदोन्नत चैनल निर्मित करने एवं अन्य सुसंगत संवैधानिक लाभ के लिए तिरिथ राम, गोवर्धन चेलक, देव प्रकाश साहू, सौरभ पांडेय, राजकुमारी ध्रुव, धनंजय देवांगन, मुकेश सिंह ठाकुर, आकाश शर्मा, परमेश्वर चक्रधारी एवं राजू कुमार जायसवाल के द्वारा उच्च न्यायालय बिलासपुर में रिट याचिका दायर की गई थी। सुनवाई के दौरान उच्च न्यायालय ने सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग, सचिव छत्तीसगढ़ शासन, विधि और विधायी (निर्वाचन) कार्य विभाग एवं मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी छग. रायपुर को 4 सप्ताह में जवाब प्रस्तुत करने के लिए नोटिस जारी किया है।

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