ओबीसी संयोजन समिति ने राज्यपाल को सौंपा 10 सूत्रीय मांगो का ज्ञापन

hulchal news
0 0
Read Time:5 Minute, 56 Second


छात्रवृत्ति के लिए ओबीसी विद्यार्थियो के आय की अधिकतम सीमा 6 लाख कर एक समान छात्रवृति दिया जावे- अधिवक्ता शत्रुहन सिंह साहू

रायपुर | ओबीसी संयोजन समिति छत्तीसगढ़ संबद्धता अखिल भारतीय पिछड़ा वर्ग संघ के बैनर तले समिति के संस्थापक अधिवक्ता शत्रुहन सिंह साहू के नेतृत्व में सैकड़ो की तादाद में पिछड़ा वर्ग के जागरूक और संघर्षशील लोग आज दिनांक 11 मार्च 2024 को अंबेडकर चौक में इकट्ठा होकर पैदल मार्च करते हुए राजभवन पहुंचे और छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्रीमान विश्वभूषण हरिचंदन के माध्यम से माननीय प्रधानमंत्री के नाम अन्य पिछड़े वर्ग के छात्र-छात्राओं को मिलने वाली छात्रवृत्ति के लिए आय की अधिकतम सीमा को ₹100000 से बढ़ाकर 6 लाख तक कर उन्हे भी अन्य वर्गों के समान बराबर छात्रवृत्ति देने, पूर्व वित्तीय वर्ष में ₹200000 आय की सीमा के आधार पर छात्रवृत्ति के लिए ओबीसी वर्ग के जिन छात्र-छात्राओं ने ऑनलाइन आवेदन दिया था उसे वर्तमान में विभाग द्वारा टेंपरेरी मोड पर रखकर निरस्त किया जा रहा है, उस पर तत्काल रोक लगाते हुए पूर्व वर्ष के छात्र-छात्राओं को पूर्व निर्धारित आय की अधिकतम सीमा 2 लाख के अनुसार छात्रवृत्ति प्रदान करने, आरक्षण संशोधन बिल 2022 को तत्काल प्रभाव से लागू करने सहित 10 सूत्रीय मांगो का ज्ञापन सौंपे |

इस अवसर पर समिति के संस्थापक अधिवक्ता शत्रुहन सिंह साहू राष्ट्रीय महासचिव अखिल भारतीय पिछड़ा वर्ग संघ ने ओबीसी के संवैधानिक अधिकार को खतरे में बताते हुए माननीय प्रधानमन्त्री से अपील करते हुए कहा कि देश में राम राज्य की संकल्पना तभी पूरा होगा जब सभी वर्गों के लोगों को समान सुरक्षा, अवसर और समान भागीदारी प्राप्त होगी किंतु दुर्भाग्य है की वर्तमान में लैटरल एंट्री, क्रीमी लेयर, निजीकरण के माध्यम से शोषक जातियों के द्वारा कई तरह के कूटनीतिक और राजनीतिक चलें चलकर ओबीसी के संवैधानिक अधिकार को समाप्त करने का प्रयास किया जा रहा है, राज्य मे पिछड़े वगों के दयनीय स्थिति है जिस पर संज्ञान लेते हुए संविधान के आर्टिकल 340 के तहत ओबीसी समाज को ओबीसी सुरक्षा कानून लागू कर सामाजिक सुरक्षा प्रदान करते हुए जातीय जनगणना करवाकर एस.सी., एस.टी., सामान्य वर्ग की तरह ही न्यायपालिका, विधायिका, कार्यपालिका, व्यापार उद्योग, शिक्षा – नौकरी, पदोन्नति सहित सभी निजी एवं सार्वजनिक क्षेत्रों में आबादी के अनुसार प्रतिनिधित्व ( हिस्सेदारी) देकर श्रेष्ठ भारत, विकसित भारत की नींव को मज़बूत कर राम राज्य को साकार करें ।

ज्ञापन सौंपने वालों में मुख्य रूप से कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष टिकेश्वर साहू, कोषाध्यक्ष नोहर लाल साहू, पूर्ण कालिक प्रचारक युवराज सिंह, केंद्रीय कमेटी प्रभारी नारायण लाल साइ, कर्मचारी प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष शैलेंद्र साहू, डा. बी आर रात्रे, पार्वती साहू, कुमालता साहू, रूखमणि साहू, रेवती साहू, अमरीका साहू, बिमला साहू, नीता साहू, मानकी साहू, दुर्ग संभाग अध्यक्ष कीरत राम कुलहारा, रमेश साहू, पंडित घनश्याम प्रसाद, शैलेन्द्र साहू, प्रज्ञा नंद,प्रदेश उपाध्यक्ष एस एल साहू, जिला अध्यक्ष बल्दू राम साहू, ज़िला सचिव सांवत राम, ताम्रध्वज, मोहन लाल, घना राम, राम लाल गुप्ता, डा. ईश्वर दास आशिया, संध्या बघेल, परमेश्वर मारकंडे अधिवक्ता, धीरज मारकंडे नेकरम, चौथ राम, शत्रुघन लाल, चिंता राम, भीखम, रामविशल, दाऊलाल, शडानंद, आशीष कुमार, शिव कुमार सोनी, किशोर सोनी, गोपी सोनी, राजेश साहू, राम नारायण चंद्राकर, प्रवीण साहू, धरम साहू, द्वारिका साहू, मनीष साहू, चंद्रहास, जीवन, हलधार नामदास, तेज राम, बी एस साव अधिवक्ता, तामेश्वर साहू, बुधारू, धनेंद्र, परमानंद, आनंद यादव, द्वारिका चमन लाल, सहित बड़ी संख्या में ओबीसी के क्रांतिकारी साथी शामिल हुए।

Happy
Happy
100 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleepy
Sleepy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

महंगाई भत्ता से वंचित कर्मचारी प्रत्यक्ष रूप से न सही, मानसिक रूप से चुनाव का बहिष्कार करेंगे -विजय झा

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य गठन के पूर्व अविभाजित मध्य प्रदेश में कर्मचारियों की जायज मांगों के लिए न केवल चुनाव की घोषणा, अपितु मतदान के पूर्व, मतदान सामग्री ले जाते समय भी सरकार द्वारा जायज मांगों की उपेक्षा किए जाने पर आंदोलन करने का इतिहास जगजाहिर है। भारत निर्वाचन आयोग के […]

You May Like

Subscribe US Now